Sunday, January 22, 2012

!!!वंदे मातरम!!!

शिकायत मुल्लो से नहीं
शर्मशार तो चंद हिंदुओं ने किया हैं
नफरतो की आग जलाना आयत में उनके
गंदे विचारो के कुरान को
क्यों पाक हिंदुओ ने कहा है

शिकायत मुल्लो से नहीं
शर्मशार तो चंद हिंदुओं ने किया हैं
मालूम है सबको वो आबरू के लुटेरे है
कैसे करते हो बाते भाईचारे की
जो खुद के जने को भी लूटते हैं

शिकायत मुल्लो से नहीं
शर्मशार तो चंद हिंदुओं ने किया हैं
होती है रक्तरंजित ये भूमि बार बार
देते है अंजाम जाहिलो के औलाद
अहिंसा की बात कह के क्यों नपुंसकता दिखाते हो
मिटा देंगे नामोनिशान इन जेहादी दानवो का.
हो के हिंदु क्यों हमें साम्प्रदायिक कहते हो

शिकायत मुल्लो से नहीं
शर्मशार तो चंद हिंदुओं ने किया हैं
फिदरत है उनकी पीठ पर वार करने की
औरतो और मासुमो का ढाल रखते है
क्यो उन्हें बचाने के लिए हमसे आँखे मिलाते हो..
पीठ उन्हें दिखा कर कैसे बहादुरी की बात करते हो

शिकायत मुल्लो से नहीं
शर्मशार तो चंद हिंदुओं ने किया हैं

!!!जय श्री राम!!!
!!!वंदे मातरम!!!

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